सीमेंट के बाद अब बिस्कुट की भी रेल ढुलाई,…. जम्मू मंडल के फ्रेट बास्केट में जुड़ा नया उत्पाद, कठुआ से अनंतनाग भेजा गया ”यूरोबिक बिस्कुट”
कठुआ। रेलवे के जम्मू मंडल ने सीमेंट के बाद अब खाद्य उत्पादों की ढुलाई के क्षेत्र में कदम बढ़ाते हुए बुधवार को शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन से ”यूरोबिक बिस्कुट” की पहली लोडिंग सफलतापूर्वक पूरी की। यह खेप कठुआ से कश्मीर घाटी के अनंतनाग गुड्स शेड के लिए रवाना की गई है। जम्मू मंडल के इतिहास में खाद्य उत्पाद एवं स्नैक्स श्रेणी की यह पहली रेल ढुलाई है। कठुआ की प्रतिष्ठित औद्योगिक इकाई ”रतन ऑयल मिल्स” द्वारा निर्मित यूरोबिक बिस्कुट के लिए 26 सितंबर को एक बीसीएन वैगन का इंडेंट दर्ज कराया गया था। बुधवार को माल की सफल लोडिंग कर इसे गंतव्य के लिए भेजा गया। साफ है कि स्थानीय और लघु उद्योग अब सड़क परिवहन के मुकाबले भारतीय रेल को प्राथमिकता दे रहे हैं।
शहीद कैप्टन सुनील कुमार चौधरी कठुआ रेलवे स्टेशन पर हाल ही में शुरू हुए आंतरिक माल यातायात (इंटरनल फ्रेट ट्रैफिक) को इस नई खेप से और मजबूती मिली है। इससे पूर्व, 14 सितंबर 2026 को जम्मू मंडल के इतिहास में पहली बार आंतरिक माल ढुलाई के तहत गणपति सीमेंट (कठुआ) द्वारा बुक किए गए सीमेंट की खेप रेल मार्ग से भेजी गई थी। इसके अलावा, हाल ही में अनंतनाग गुड्स शेड से कठुआ स्टेशन पर चावल की सफल आवक (इनवर्ड अराइवल) भी दर्ज की गई है। पिछले 15 दिनों के भीतर कठुआ से ”पीसमील लोडिंग” के तहत लगभग 30 वैगनों की लोडिंग की जा चुकी है।
सड़क परिवहन से सस्ता और सुरक्षित विकल्प- सीनियर डीसीएम
इस उपलब्धि पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक (सीनियर डीसीएम), जम्मू, उचित सिंघल ने कहा कि जम्मू मंडल का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उद्योगों को रेल नेटवर्क से जोड़कर उन्हें एक किफायती, सुरक्षित और विश्वसनीय विकल्प उपलब्ध कराना है। उमा सीमेंट और गणपति सीमेंट के बाद बिस्कुट जैसे उपभोक्ता उत्पाद का जुड़ना हमारे फ्रेट बास्केट में विविधता ला रहा है। यह इस बात का प्रमाण है कि व्यापारिक वर्ग अब रेलवे पर पूरा भरोसा जता रहा है। उन्होंने कहा कि सीमेंट से लेकर बिस्कुट तक का यह विस्तार न केवल रेलवे के माल ढुलाई राजस्व में वृद्धि कर रहा है, बल्कि सड़क मार्ग की तुलना में अधिक सुरक्षित, सस्ता और पर्यावरण अनुकूल परिवहन मुहैया कराकर कश्मीर घाटी में निर्माण सामग्री और खाद्य उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला को भी मजबूत बना रहा है।