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कठुआ/बनी। जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले अंतर्गत बसोहली स्थित सेवा-दो हाइडल पावर प्रोजेक्ट कैंप में साथी जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी की घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियां और पुलिस विस्तृत पड़ताल में जुट गई हैं। मंगलवार शाम करीब 7 बजे हुई इस वारदात में एक सहायक कमांडेंट समेत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के चार कर्मियों की जान चली गई थी। आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि वारदात में इस्तेमाल की गई सरकारी एके-47 राइफल जब्त कर ली गई है।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे बच्चे को ड्यूटी स्थल पर लाने से जुड़ा पारिवारिक व प्रशासनिक विवाद मुख्य वजह बनकर सामने आया है। जानकारी के अनुसार, वर्ष 2009 बैच के आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार सिंह की पत्नी पूजा देवी भी उसी परियोजना पर सीआईएसएफ में लेडी हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। दोनों की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी होने के कारण वे बच्चे को एक-दूसरे को सौंपने के लिए कभी-कभार परियोजना स्थल पर ले आते थे। यूनिट प्रशासन द्वारा सुरक्षा नियमों के तहत बच्चे को क्वार्टर गार्ड अथवा कार्यक्षेत्र में लाने से सख्त मना किया गया था, जिसको लेकर पूर्व में भी तनाव था। मंगलवार को इसी बात पर हुई तीखी कहासुनी के बाद आरोपी ने तैश में आकर कार्यालय क्षेत्र में मौजूद अधिकारियों और जवानों पर सर्विस हथियार से गोलियां दाग दीं। हालांकि इसे लेकर सीआईएसएफ के अधिकारियों की ओर से फिलहाल कुछ भी साझा नहीं किया गया है।

देर रात एक बजे के लगभग सीआईएसएफ जम्मू डिवीजन के डीआईजी एम.के. यादव और बसोहली के एसडीपीओ ओपी प्रकाश भी मौके पर पहुंच गए।

सुबह महानिदेशक ने एफएसएल टीम के साथ घटनास्थल का जायजा लिया,
…. परिवार के सदस्यों से मिले

बुधवार को सीआईएसएफ के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने कठुआ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा और जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ माश्का स्थित घटनास्थल का मुआयना किया। वरिष्ठ अधिकारियों ने घटनाक्रम, साक्ष्यों और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा की। इसके बाद अस्पताल पहुंचे शीर्ष अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों से मिलकर उन्हें ढांढस बंधाया और नियमानुसार मिलने वाले सभी लाभ व हरसंभव सहायता का आश्वासन दिया। अस्पताल परिसर में चारों जवानों को अंतिम सम्मान व श्रद्धांजलि दिए जाने के बाद पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंप दिए गए। वारदात के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियों ने आरोपी जवान की पत्नी पूजा देवी की सुरक्षा भी बढ़ा दी है, क्योंकि वह भी इसी प्रोजेक्ट पर तैनात हैं। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल के खिलाफ हत्या का आपराधिक मामला दर्ज कर जांच आगे बढ़ा दी है, वहीं सीआईएसएफ ने घटना के कारणों और प्रशासनिक पहलुओं की तह तक जाने के लिए उच्च स्तरीय कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश दिए हैं।

बसोहली से पहुंची डॉक्टरी टीम किया पोस्टमार्टम
बुधवार को ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) बसोहली के नेतृत्व में गठित डॉक्टरों की विशेष मेडिकल टीम ने एनएचपीसी अस्पताल, समलेउ में सभी शवों का पोस्टमार्टम संपन्न किया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद अस्पताल परिसर में दिवंगत जवानों को पूरे सम्मान के साथ श्रद्धांजलि दी गई, जिसके उपरांत शवों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए सीआईएसएफ के महानिदेशक (डीजीपी) प्रवीण रंजन, अतिरिक्त महानिदेशक (एडीजीपी) और कठुआ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मोहिता शर्मा ने घटनास्थल का व्यक्तिगत रूप से मुआयना किया और सुरक्षा व्यवस्था व हालात का जायजा लिया। पुलिस ने आरोपी हेड कांस्टेबल अवधेश कुमार के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। आरोपी जवान से घटना के कारणों को लेकर गहन पूछताछ की जा रही है। शुरुआती तौर पर गोलीबारी की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है, जिसके चलते पुलिस और सीआईएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच में जुटे हैं।