प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने 2047 के विकसित भारत के सपने को अपनी कल्पनाशक्ति के माध्यम से अभिव्यक्त किया। बच्चों ने चित्रों और भाषणों के जरिए अपने मन में बसे भारत के भविष्य की तस्वीर प्रस्तुत की। किसी ने विकास और आधुनिकता को अपनी कल्पना का हिस्सा बनाया तो किसी ने देश के उज्ज्वल भविष्य को लेकर अपने विचार भाषण के माध्यम से सामने रखे। कार्यक्रम के दौरान जिला कार्यकारिणी सदस्य अशोक जसरोटिया ने भी अपने विचार विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने बच्चों की प्रतिभा और उनकी कल्पनाशील अभिव्यक्ति की सराहना की। प्रतियोगिता के समापन अवसर पर उपदेश अंडोत्रा ने विभिन्न प्रतियोगिताओं में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। आयोजन के माध्यम से विद्यार्थियों को अपने विचारों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत करने का मंच मिला और उन्होंने भविष्य के भारत को लेकर अपनी कल्पनाओं को रंगों तथा शब्दों में अभिव्यक्त किया।