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पुलिस ट्रेनिंग स्कूल और सेवाकेंद्र में आयोजित हुए विशेष सत्र, मेडिटेशन और मानवीय मूल्यों को अपनाने पर दिया जोर

कठुआ। जिला प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के सेवाकेंद्र की ओर से दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया गया। ‘तनावमुक्त जीवन व सुशासन के लिए कर्मयोग’ विषय पर आयोजित इस अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों, प्रशासनिक सेवाओं से जुड़े लोगों और आम नागरिकों को आत्मिक शांति, भावनात्मक संतुलन और सकारात्मक सोच का महत्व समझाया गया।
अभियान के पहले दिन सरदार पृथीनंदन सिंह (एसपीएस) पुलिस ट्रेनिंग स्कूल में ‘कर्मयोग फॉर स्ट्रेस फ्री लाइफ’ विषय पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। इसमें वक्ताओं ने कहा कि पुलिस और प्रशासनिक सेवाओं में लगातार बढ़ती चुनौतियों के बीच मानसिक संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। मूल्य आधारित कार्यशैली, आंतरिक स्थिरता और सकारात्मक दृष्टिकोण से न केवल व्यक्तिगत तनाव कम किया जा सकता है, बल्कि पूरे संगठन के कार्य वातावरण को भी बेहतर बनाया जा सकता है। नियमित कर्मयोग और राजयोग मेडिटेशन को तनाव प्रबंधन का व्यावहारिक माध्यम बताया गया।
अभियान के दूसरे दिन की शुरुआत सुबह पांच बजे योगाभ्यास और छह बजे आध्यात्मिक मुरली क्लास से हुई। इसके बाद दोपहर में ‘तनावमुक्त समाज के लिए प्रशासन’ विषय पर सार्वजनिक परिचर्चा आयोजित की गई। इसमें वक्ताओं ने कहा कि एक शांत और भावनात्मक रूप से संतुलित प्रशासक कठिन परिस्थितियों में भी निष्पक्ष और सटीक निर्णय लेने में सक्षम होता है। प्रशासनिक अधिकारियों की सकारात्मक सोच और व्यवहार का प्रभाव न केवल उनके कार्यस्थल, बल्कि समाज के वातावरण पर भी पड़ता है।

माउंट आबू, दिल्ली और मोहाली से पहुंचे राजयोग प्रशिक्षक

कार्यक्रम में माउंट आबू से बीके हरीश, दिल्ली स्थित ओम शांति रिट्रीट सेंटर से बीके पारुल और मोहाली से बीके सुमन विशेष रूप से शामिल हुए। वरिष्ठ राजयोग प्रशिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए प्रतिभागियों को दैनिक जीवन और कार्यक्षेत्र में राजयोग मेडिटेशन तथा मानवीय मूल्यों को अपनाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के समापन पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस कर्मियों और प्रबुद्ध नागरिकों ने इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि व्यस्त दिनचर्या और कार्यस्थल के दबाव के बीच कर्मयोग और राजयोग के अभ्यास को बढ़ावा देने की यह पहल समय की जरूरत है।