तीन को जीएमसी और पांच को महात्मा गांधी अस्पताल में करवाया गया भर्ती,
डॉक्टरों ने नाश्ता नहीं करने और कमजोरी को बताया संभावित कारण
कठुआ। गर्ल्स हायर सेकेंडरी स्कूल में सुबह की असेंबली के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब एक के बाद एक आठ छात्राएं अचानक बेहोश होकर गिर पड़ीं। छात्राओं के बेहोश होने की सूचना मिलते ही स्कूल प्रशासन ने तुरंत उन्हें नजदीकी महात्मा गांधी अस्पताल पहुंचाया। इनमें से तीन छात्राओं की हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें जीएमसी कठुआ रेफर किया गया। हालांकि उपचार और जांच के बाद सभी छात्राओं को अस्पताल से घर भेज दिया गया है।

छात्राओं के बेहोश होने की सूचना जैसे ही उनके परिजनों को मिली, अस्पताल में अभिभावकों की भीड़ जुट गई। परिजन अपनी बच्चियों की हालत जानने के लिए अस्पताल पहुंचते रहे। बाद में डॉक्टरों की जांच में छात्राओं की हालत सामान्य पाए जाने पर उन्हें छुट्टी दे दी गई। स्कूल के प्रधानाचार्य जतिंद्र सेठी ने बताया कि कई छात्राएं सुबह स्कूल आने से पहले नाश्ता नहीं करती हैं। ऐसे में कमजोरी के कारण असेंबली के दौरान लंबे समय तक खड़े रहने पर इस तरह की स्थिति बन सकती है। उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन लगातार विद्यार्थियों को सुबह नाश्ता करके आने की सलाह देता है, लेकिन कई बार बच्चे इसे गंभीरता से नहीं लेते। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि हाल ही में स्कूल में छात्राओं की एनीमिया जांच करवाई गई थी। करीब 50 छात्राओं की जांच में 17 छात्राएं एनीमिक पाई गई थीं। उन्होंने कहा कि स्कूल में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है और विद्यार्थियों के लिए लगाए गए वाटर कूलर की भी नियमित जांच की जाती है। बताया कि स्वतंत्रता दिवस की रिहर्सल के दौरान भी ऐसे मामले सामने आते रहे हैं। यह हमारे बच्चे है और हम इनका पूरा ध्यान रखते हैं।

जीएमसी कठुआ के प्राचार्य डॉ. सुरिंद्र कुमार अत्री ने बताया कि बेहोशी की स्थिति में लाई गई तीन छात्राओं का उपचार किया गया और उनकी हालत सामान्य होने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि नाश्ता नहीं करना, कमजोरी और लंबे समय तक खड़े रहना बेहोशी के संभावित कारण हो सकते हैं। जांच के दौरान उनके वाइटल सामान्य आने पर उन्हें डिसचार्ज कर दिया गया है। चिकित्सकों ने छात्राओं और उनके अभिभावकों को बच्चों के स्वास्थ्य और खान-पान पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है।
वहीं, मुख्य शिक्षा अधिकारी केवल कृष्ण ने बताया कि स्कूल प्रशासन विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को लेकर पहले से सतर्क है। सभी स्कूलों में सुबह की असेंबली के दौरान विद्यार्थियों को नियमित रूप से नाश्ता करके आने और अपने साथ पानी की बोतल रखने के लिए जागरूक किया जाता है। उन्होंने बताया कि स्कूलों में स्कूलों में ऐसे मामले आते है, लेकिन इस बार बात फैल गई और लगा कि यह कोई असामान्य घटना हो गई है।