बनी। बनी उपमंडल के प्रमुख पर्यटन स्थल चला धार में वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है। हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक यहां पहुंचते हैं, लेकिन पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल की सुविधा नहीं होने के कारण स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि पेयजल की समस्या केवल पर्यटन सीजन तक सीमित नहीं है, बल्कि वर्षों से चली आ रही है। कई परिवार आज भी पानी की जरूरत पूरी करने के लिए प्राकृतिक जलस्रोतों और तालाबों पर निर्भर हैं।
स्थानीय महिला किरण कुमारी ने बताया कि इलाके में बड़ी संख्या में लोग एक तालाब में जमा होने वाले पानी का इस्तेमाल करने को मजबूर हैं। उन्होंने कहा कि तालाब का पानी साफ नहीं होता, लेकिन मजबूरी में लोग उसे कपड़े से छानकर घड़ों में भरते हैं और फिर इसी पानी को पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने कहा कि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध नहीं होने के कारण लोगों को गंदा पानी पीने पर मजबूर होना पड़ रहा है।
किरण कुमारी ने कहा कि करोड़ों रुपये की लागत से पेयजल योजना के तहत पाइपलाइन बिछाई गई और दो रिजर्वायर भी बनाए गए, लेकिन अभी तक इस योजना का पानी लोगों के घरों तक नहीं पहुंच पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि योजना का काम पूरा हो चुका है तो उन्हें इसका लाभ जल्द मिलना चाहिए।
वहीं स्थानीय युवक अनिल कुमार ने बताया कि जब भी जनप्रतिनिधि या अधिकारी क्षेत्र का दौरा करते हैं, स्थानीय लोगों की ओर से लंबे समय से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने की मांग उठाई जाती रही है। इसके बावजूद समस्या का स्थायी समाधान अभी तक नहीं हो पाया है।
विभाग ने बताया—अधिकतर काम पूरा, इलेक्ट्रिकल कार्य बाकी
इस मामले में विभाग की ओर से जानकारी देते हुए बताया गया कि चला धार पेयजल योजना का अधिकांश कार्य पूरा किया जा चुका है। फिलहाल केवल इलेक्ट्रिकल कार्य शेष है। विभाग के अनुसार इलेक्ट्रिकल कार्य पूरा होते ही योजना को चालू कर दिया जाएगा और इसके बाद क्षेत्र के लोगों को नल से जल उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
स्थानीय लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि लंबित इलेक्ट्रिकल कार्य को जल्द पूरा कर पेयजल योजना को चालू किया जाए, ताकि वर्षों से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हो सके और स्थानीय निवासियों के साथ-साथ चला धार आने वाले पर्यटकों को भी स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके।
7 करोड़ 86 लाख की लागत से बिछाई गई पेयजल पाइपलाइन।
जल जीवन मिशन के तहत करीब 7 करोड़ 86 लाख रुपये की लागत से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइपलाइन बिछाने का कार्य किया गया है। इस योजना के दायरे में सैयारा, खाडी और चला धार क्षेत्र शामिल हैं।
योजना के तहत पेयजल आपूर्ति को सुचारु बनाने के लिए पंप हाउस, रिजर्वायर और सम्प टैंक का भी निर्माण किया गया है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि बुनियादी ढांचा तैयार होने के बावजूद अभी तक घरों तक नियमित पेयजल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है।
विभाग की ओर से बताया गया है कि योजना का अधिकांश कार्य पूरा हो चुका है और इलेक्ट्रिकल कार्य पूरा होते ही पानी की सप्लाई शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।