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पाकिस्तानी हैंडलर्स को सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बार्डर रोड़ लाइव फुटेज भेजने का है आरोप

कठुआ। पाकिस्तानी खुफिया तंत्र को भारतीय सुरक्षा बलों और सैन्य काफिलों की संवेदनशील सूचनाएं व लाइव वीडियो मुहैया कराने के आरोप में गिरफ्तार ट्रक चालक अमन कुमार उर्फ चीरू को जम्मू स्थित संयुक्त पूछताछ केंद्र (जेआईसी) में मैराथन पूछताछ के बाद बुधवार को न्यायिक हिरासत में कठुआ जिला जेल भेज दिया गया।आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी अमन कुमार पुत्र स्वर्गीय जगदीश राज, निवासी दौलियां जट्टां (कोटपुन्नू), तहसील मढ़हीन, जिला कठुआ के खिलाफ 17 सितंबर को राजबाग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 113(3) (आतंकी व देशविरोधी कृत्य), धारा 3 तथा शासकीय गुप्त बात अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस की ओर से कई दिनों तक पूछताछ के बाद उसे जेआईसी भेजा गया था। मामले की अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी संवेदनशीलता को देखते हुए आरोपी से गहन पूछताछ की गई। करीब 12 दिनों तक विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों द्वारा सीमा पार संपर्कों और वित्तीय लेन-देन के बिंदुओं पर पूछताछ पूरी होने के बाद बुधवार को सक्षम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उसे न्यायिक हिरासत में कठुआ जेल भेज दिया गया।

ज्ञात रहे कि अमर उजाला ने 18 व 21 सितंबर के अपने अंकों में इस बात का प्रमुखता से खुलासा किया था कि सीमावर्ती इलाके मढ़ीन का रहने वाला यह 24 वर्षीय ट्रक चालक सीमा पार बैठे हैंडलर्स के ”हनीट्रैप” जाल में फंस चुका था। जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया था कि पैसों के लालच और ऑनलाइन संपर्क के चलते आरोपी ने अपने घर के बाहर मुख्य सड़क की ओर हाई-डेफिनिशन और सिम-सक्षम स्मार्ट सीसीटीवी कैमरा लगा रखा था। इस मार्ग से गुजरने वाले सेना और अर्धसैनिक बलों के काफिलों की गतिविधियों व संवेदनशील सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सीधी लाइव स्ट्रीमिंग (लाइव फुटेज) वह पाकिस्तानी खुफिया हैंडलर्स को भेज रहा था। तकनीकी निगरानी और खुफिया इनपुट के आधार पर राजबाग पुलिस ने दबिश देकर न केवल आरोपी को गिरफ्तार किया, बल्कि उपकरण और डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए थे। सूत्रों के अनुसार उधर, जांच में यह भी सामने आया था कि कई संवेदनशील क्षेत्रों की तस्वीरें भी आरोपी ने सीमापार साझा की थीं।