जिला कांग्रेस प्रधान पंकज डोगरा ने दो दिन पहले हुए कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के साथ जोर-जबरदस्ती की गई। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है और प्रशासन को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सलाहकार हरि सिंह ने दावा किया कि एसआईआर के दौरान देशभर में करीब 13 करोड़ 30 लाख नाम मतदाता सूचियों से हटाए गए हैं। उन्होंने मांग की कि हटाए गए नामों की प्रक्रिया का पारदर्शी ऑडिट कराया जाए और पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा जोड़े जाएं। हालांकि, इन आंकड़ों और आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष पत्रकार वार्ता में उपलब्ध नहीं था।
उन्होंने कहा कि पहले मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन की प्रक्रिया स्थानीय स्तर पर बूथ स्तर के अधिकारियों और चुनाव अधिकारियों के माध्यम से होती थी। उनका आरोप है कि मौजूदा प्रक्रिया में केंद्रीय व्यवस्था की भूमिका बढ़ गई है। उन्होंने नए मतदाताओं से परिवार के पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगे जाने पर भी सवाल उठाया। कहा कि दशकों पुराने रिकॉर्ड जुटाना युवाओं के लिए मुश्किल हो सकता है।
पत्रकारवार्ता में पूर्व विधायक ठाकुर बलबीर सिंह ने एसआईआर से जुड़े फैसलों को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि दो चुनाव आयुक्तों ने प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर कई बार लिखित आपत्तियां दर्ज की हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विवादों पर निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
जबकि पार्टी नेता राकेश चौधरी ने कहा कि मताधिकार लोकतंत्र की बुनियाद है। उन्होंने कहा कि पहली बार मतदान करने वाले युवाओं को मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के दौरान अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए। प्रशासन और चुनाव विभाग के पास पुराने मतदाता रिकॉर्ड उपलब्ध हैं, इसलिए कई पीढ़ियों पुराने दस्तावेज जुटाने का अतिरिक्त दबाव युवाओं पर नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रिया में भाग लेने का पूरा अवसर मिलना चाहिए।
कांग्रेस नेताओं ने जम्मू-कश्मीर में एसआईआर का विरोध जारी रखने की बात कही। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग दोहराते हुए कहा कि मांगें पूरी नहीं होने तक धरने-प्रदर्शन जारी रहेंगे।