हीरानगर। सीमित संसाधनों और सुविधाओं के बीच अपने क्रिकेट के जुनून को मुकाम तक पहुंचाते हुए हीरानगर की 15 वर्षीय धान्या शर्मा ने क्षेत्र का नाम रोशन किया है। वार्ड नंबर 10 निवासी धान्या शर्मा पुत्री धीरज शर्मा का जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन (JKCA) की अंडर-19 क्रिकेट टीम में चयन हुआ है। शुक्रवार देर रात जारी हुई चयन सूची के बाद धान्या के घर में खुशी का माहौल है और बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है।
धान्या के क्रिकेटर बनने की कहानी भी खास है। वर्ष 2019 में कोरोना काल के दौरान जब स्कूल बंद थे और बच्चे घरों में थे, तब धान्या अपने पिता के साथ पास के सरकारी स्कूल के मैदान में खेलने जाया करती थीं। इसी दौरान उनके मन में क्रिकेट को लेकर रुचि पैदा हुई और उन्होंने इसे गंभीरता से अपनाने का फैसला किया। इसके बाद लगातार अभ्यास और मेहनत के साथ उन्होंने क्रिकेट को अपने करियर के रूप में आगे बढ़ाया। इस सफर में माता-पिता समेत पूरे परिवार ने उनका पूरा सहयोग किया।
खास बात यह है कि हीरानगर में उचित क्रिकेट मैदान और प्रशिक्षण की पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के बावजूद धान्या ने छोटे मैदानों और स्कूल के मैदानों में अभ्यास करते हुए यह मुकाम हासिल किया। इससे पहले भी वह जम्मू-कश्मीर क्रिकेट एसोसिएशन की अंडर-15 टीम का हिस्सा रह चुकी हैं।

धान्या के पिता धीरज शर्मा जम्मू-कश्मीर पुलिस में कार्यरत हैं और वर्तमान में जम्मू में तैनात हैं। उन्होंने बेटी की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा कि धान्या की मेहनत आखिरकार रंग लाई है। उन्होंने बताया कि धान्या अभी महज 15 वर्ष की है और उनकी इच्छा है कि वह क्रिकेट के साथ अपनी पढ़ाई भी जारी रखे। हालांकि खेल के बढ़ते स्तर के कारण दोनों को साथ लेकर चलना चुनौतीपूर्ण है, इसलिए फिलहाल धान्या का पूरा ध्यान क्रिकेट पर है।
धान्या की इस उपलब्धि से उनकी माता, दादी, ताई और अन्य रिश्तेदारों में भी खुशी की लहर है। घर पर बधाई देने वालों का सिलसिला जारी है।
धान्या की सफलता इसलिए भी उल्लेखनीय मानी जा रही है कि वह कठुआ जिले से अंडर-19 जम्मू-कश्मीर महिला क्रिकेट टीम के लिए चयनित होने वाली एकमात्र महिला क्रिकेटर हैं। सीमित सुविधाओं के बीच हासिल की गई उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र की अन्य युवा खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा बनी है।