कठुआ। जिले में डेंगू का प्रकोप लगातार पैर पसारता जा रहा है। कठुआ शहर के वार्ड नंबर 12 में डेंगू का एक नया पुष्ट मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। यहां 34 वर्षीय एक महिला की जांच रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव आई है। इस नए मामले के दर्ज होने के साथ ही जिले में डेंगू संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 27 पहुंच गई है। लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
मामले की पुष्टि होते ही स्वास्थ्य विभाग के मलेरिया विंग की एक त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने प्रभावित क्षेत्र का दौरा किया। टीम ने पीड़िता के आवास और उसके आसपास के दर्जनों घरों में सघन मच्छर रोधी कीटनाशक दवाओं का छिड़काव किया। इसके साथ ही लार्वा नष्ट करने के लिए विशेष रसायन डाले गए और संभावित मच्छर जनन स्थलों की गहन जांच की गई।
मलेरिया विंग के अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों ने शहर के सावन चक इलाके में घर-घर जाकर डेंगू एवं मलेरिया से बचाव के लिए एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया। इस दौरान स्थानीय निवासियों को वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम के तौर-तरीकों के बारे में विस्तार से अवगत कराया गया। स्वास्थ्य विभाग ने आमजन को सख्त हिदायत दी है कि यदि किसी भी व्यक्ति को तेज बुखार, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, सिरदर्द या आंखों के पीछे दर्द जैसे लक्षण महसूस हों, तो वे इसे सामान्य मौसमी बुखार समझकर नजरअंदाज न करें और न ही बिना डॉक्टरी सलाह के दवा लें। ऐसे किसी भी संदिग्ध बुखार के मामले में मरीज को तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल ले जाकर आवश्यक रक्त जांच करानी चाहिए, ताकि समय रहते उचित उपचार शुरू किया जा सके। विभाग ने निजी क्लीनिकों और लैब संचालकों को भी संदिग्ध मामलों की तत्काल सूचना स्वास्थ्य महकमे को देने के निर्देश दिए हैं।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की
– अपने घरों की छतों, कूलरों, गमलों, पुराने टायरों और खाली बर्तनों में पानी बिल्कुल जमा न होने दें।
– सप्ताह में कम से कम एक बार पानी की टंकियों और कंटेनरों को पूरी तरह सुखाकर साफ करें।
– पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और मच्छरदानी या रिपेलेंट का नियमित उपयोग करें।