कठुआ। युवाओं को नशे के दलदल से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने के लिए जिला प्रशासन कठुआ की ओर से खेलों को बढ़ावा देने की मुहिम तेज की जा रही है। डीसी कठुआ राजेश शर्मा की पहल पर जिले में एक के बाद एक खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन युवाओं को अपनी प्रतिभा दिखाने और आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रहा है। क्रिकेट, बैडमिंटन और फुटबॉल के बाद अब दौड़ प्रतियोगिता के जरिए युवाओं को फिटनेस और खेलों से जोड़ने की तैयारी है।
खेलों के मैदान में युवाओं की ताकत, नशे के खिलाफ प्रशासन की मुहिम!
डीसी कठुआ राजेश शर्मा, जो स्वयं भी खेलों में रुचि रखते हैं, की पहल पर जिले में विभिन्न खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। क्रिकेट प्रतियोगिताओं के आयोजन के बाद बैडमिंटन प्रेमियों के लिए भी प्रतियोगिता करवाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं ने भागीदारी सुनिश्चित की। इसके बाद फुटबॉल प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
अब आगामी 4 अक्टूबर को जिला कठुआ में दौड़ प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इसमें 3 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और 10 किलोमीटर की श्रेणियां रखी गई हैं। दौड़ प्रेमियों में इस आयोजन को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। इसमें छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक के लिए भागीदारी का अवसर उपलब्ध कराने की पहल की गई है।
जिला प्रशासन का प्रयास है कि खेलों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों को सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही, जिले में खेलों के लिए बेहतर मंच और आधारभूत सुविधाएं विकसित करने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिल सकें।
एक तरफ नशे के नेटवर्क पर कार्रवाई, दूसरी तरफ युवाओं को खेलों से जोड़ने की पहल
जिले में नशे के खिलाफ कार्रवाई और युवाओं को खेलों से जोड़ने की कोशिशें साथ-साथ चल रही हैं। उपराज्यपाल की ओर से शुरू की गई 100 दिवसीय नशा विरोधी मुहिम के दौरान नशा तस्करी से जुड़े मामलों में संपत्तियां जब्त किए जाने और अवैध निर्माणों पर कार्रवाई किए जाने की खबरें सामने आई हैं।
पुलिस भी नशा तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है। एसएसपी कठुआ मोहिता शर्मा के निर्देशों पर जिलेभर में अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस की कार्रवाई अब केवल नशा बेचने वालों तक सीमित नहीं है, बल्कि नशे के सेवन से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई की जा रही है। नशे के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई और सख्ती कितनी है इसका अंदाजा हाल ही में पुलिस विभाग के एक अधिकारी के खिलाफ हुई एफआईआर से भी लगाया जा सकता है। जिस पुलिस अधिकारी पर कथित तौर पर नशे के सेवन के मामले में कार्रवाई की जानकारी सामने आई थी।
पुलिस ने जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर में ढाई किलो से अधिक अफीम की खेप बरामद करने और एक अंतरराज्यीय तस्कर गिरोह को हिरासत में लेने की कार्रवाई की थी। ऐसे मामलों में पुलिस की कार्रवाई नशा तस्करी के नेटवर्क पर शिकंजा कसने के प्रयासों को दर्शाती है।
नशे से दूरी, खेलों से दोस्ती—युवाओं के लिए नई राह
नशे की समस्या से निपटने के लिए केवल कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि युवाओं को सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना भी महत्वपूर्ण है। खेलों के जरिए युवाओं को अनुशासन, शारीरिक फिटनेस और अपनी प्रतिभा को निखारने का अवसर मिलता है।
जिला प्रशासन की खेल गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को ऐसा मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी ऊर्जा का सही इस्तेमाल कर सकें और खेलों में आगे बढ़ने के अवसर तलाश सकें। वहीं, जो लोग पहले से नशे की लत से जूझ रहे हैं, उनके पुनर्वास और समाज की मुख्यधारा में वापसी के लिए भी सहयोग और उचित अवसर जरूरी हैं।
कुल मिलाकर, कठुआ में नशे के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ खेलों को बढ़ावा देने की पहल युवाओं को सकारात्मक दिशा देने की कोशिश है। 4 अक्टूबर को होने वाली दौड़ प्रतियोगिता इसी मुहिम की अगली कड़ी होगी, जिसके जरिए जिले के लोगों को फिटनेस और खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जा रहा है।